OPS-NPS Update: केंद्र सरकार ने ओपीएस और एनपीएस के बीच का अंतर खत्म किया, इस श्रेणी के लिए वित मंत्रालय ने दिया जारी किया आदेश

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जैसा की हम जानते है पुरानी पेंशन को बहाली करने और NPS को खत्म करने के लिए सरकारी कर्मचारियों द्वार हड़ताल की जा रही है। सरकारी कर्मचारीयो द्वारा जगह-जगह पर आंदोलन किए जा रहे है।

सरकारी कर्मचारियों के द्वारा जनवरी में भूख हड़ताल और इसके साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी चल रही है। यानि की इनके द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के लिए जबरदस्त तरिके से मांग की जा रही है।

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वित मंत्रालय भी ओपीएस और एनपीएस के मामले को खत्म करने में लगा हुआ है। भारत सरकार के वित मंत्रालय ने OPS और NPS के बीच एक अंतर को खत्म कर दिया है।

NPS में विकलांगता पेंशन और फेमिली पेंशन के मामले में जो पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ नंबर) जारी होता है, उसे N सीरीज के तहत जारी किया जाता है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में जो पीपीओ नंबर जारी किया जाता है उस समय एन लिखा होता है।

अगर ओपीएस से जुड़ा कोई भी केस है तो इस केस में इस तरह का किसी भी प्रकार का अक्षर नहीं लिखा जाता है जिससे की उस श्रेणी का पता चले। लेकिन अब OPS और NPS के इस अंतर को ख़त्म कर दिया है। यानी की एन श्रेणी को हटा दी गई है।

अब विकलांगता पेंशन और फेमिली पेंशन की फाइल पर पीपीओ नंबर जारी करते वक्त किसी भी प्रकार का कोई विभेद नहीं होगा। वित मंत्रालय के व्यय विभाग के तहत केंद्रीय पेंशन लेख कार्यालय द्वारा 18 दिसम्बर को एक कार्यालय में ज्ञापन में यह बात पेश की गई थी।

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अब केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2021 के तहत पेंशन/फैमिली पेंशन के तहत पेंशन की प्रकिया पूरी की जाती है जो की पहले केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1972 के तहत की जाती थी।

OPS और NPS के बीच ‘एन’ का विभेद खत्म

यदि ओपीएस के तहत पीपीओ जारी होता है तो उसमे श्रेणी अंकित नहीं रहती है। जैसा की हम जानते है ओपीएस और एनपीएस में विकलांगता पेंशन और फैमिली पेंशन पहले से ही जारी होती थी।

एनपीएस श्रेणी के अंतर्गत यदि किसी भी प्रकार से पीपीओ इश्यू होता था तो इस स्थिति में एन लिखा होता था। इसे हम ओपीएस और एनपीएस के बीच का विभेद कह सकते है। इसके अलावा अन्य सभी बाते समान थी। लेकिन बस एन ने ओपीएस और एनपीएस के बीच अंतर रखा है।

ओपीएस से जुड़ा कोई भी केस हो तो उसमे एन नहीं लिखा जाता है ताकि संबंधित लाभार्थी को यह एहसास नहीं हो सके की वह पुरानी पेंशन में है या नहीं पेंशन में। अब भारत सरकार के वित मंत्रालय के ज्ञापन ने यह सब खत्म कर दिया है।

अब इस तरह का एनपीएस और ओपीएस के बीच किसी भी प्रकार का विभेद नहीं होगा। अब फैमिली पेंशन या विकलांगता पेंशन का पीपीओ जारी करते समय एन नहीं लिखा जाएगा। अब एनपीएस में पीपीओ नंबर जारी होगा तब ओपीएस का नियम लागू होगा।

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