Old Pension Scheme New Update: पुरानी पेंशन योजना पर नई अपडेट, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने दिया बड़ा बयान

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पुरानी पेंशन को लेकर सभी लोग असमंजस में है। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच योजना को लेकर भिड़त हो रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस के नेताओ पर निशाना साधा है। इसी बीच पुरानी पेंशन योजना पर नया अपडेट आया है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने पुरानी पेंशन योजना को लेकर बड़ी अपडेट दी है। राजस्थान के शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ के प्रांतीय शेक्षिक सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने एक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोंग्रेस के पूर्व नेता और मंत्री भाजपा के खिलाफ पुरानी पेंशन बन्द को लेकर भ्रान्ति फैला रहे है।

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राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पुरानी पेंशन को बन्द करने की बात भाजपा के किसी भी नेता ने अभी तक किसी भी मंच से नहीं की है। ये लोग भाजपा के लिए भ्रान्ति फैला रहे है।

लंबित समस्याओ का जल्द निस्तारण होगा

भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा की हम जल्द ही लंबित समस्याओ का जल्द निस्तारण करेंगे। राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में नई पेंशन स्कीम की आधारशीलता पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रखी है। हमारी सरकार तो चाहती है कि शिक्षकों को और कर्मचारियो को पूर्ण सुविधाए और बेहतरीन वातावरण मिले। वे खुद को सुरक्षित महसूस करे।

पुरानी पेंशन स्कीम के लिए RBI का बयान

पुरानी पेंशन स्कीम के लिए RBI ने कहा है कि पुरानी पेंशन योजना लागू हो जाने से राज्य के वितीय कोष काफी प्रभावित होंगे। विकास से जुड़े खर्चो के लिए उनकी क्षमता समिति हो जाएगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि समाज और उपभोक्ताओं के लिहाज से सब्सिडी, सेवाओं, गारन्टी आदि के प्रावधान से उनकी वितीय स्थिति गंभीर स्थिति में पहुँच जाएगी।

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कई राज्यो में पुरानी पेंशन योजना लागु करने को लेकर मांग

राजस्थान, छतीसगढ़, पंजाब, झारखण्ड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य पुरानी पेंशन बहाली को लेकर मांग कर रहे है। केंद्र सरकार और पेंशन कोष नियामक प्राधिकरण को इन प्रदेश सरकारों को अपने कर्मचारियो के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने को लेकर सूचित किया है।

इन राज्यो ने नई पेंशन योजना में अपने कर्मचारियो के योगदान की राशि वापस करने का अनुरोध किया। यदि सभी राज्य सरकार नेशनल पेंशन प्रणाली की जगह पुरानी पेंशन प्रणाली को अपनाती है तो संचयी राजकोषीय बोझ एनपीएस (NPS) के 4.5 गुना तक अधिक हो सकता है।

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